
बीएचयू अब तानाशाही का अड्डा बनता जा रहा है अगर कोई गलत का विरोध करे तो प्राइवेट बाउंसरो द्वारा मरीजो के परिजनों व तमीरदार बदसलूकी पर उतर आते है इतना ही नहीं उल्टा बीएचयू प्रशासन ही मुकदमा भी दर्ज करवा देता है, बीएचयू का कैंपस बहुत ही विशाल है गरीब व कम पढ़े लिखें ग्रामीण व्यक्ति आते है तो उनको सहारे की जरूरत होती है ऐसे ही एक युवा समाजसेवी आशीष पाण्डेय जो लगातार बिहार से आने वाले मरीजो की बीएचयू मे मदद करते है लेकिन बीएचयू प्रशासन ने द्वेष वश इन्हे भी अपना शिकार बना लिया आशीष ने आवाम खबर से बातचीत मे बताया की की वो एक मरीज के इलाज के सन्दर्भ मे बीएचयू गए थे लेकिन ट्रामा सेंटर के चर्चित प्रभारी उनसे से उलझ गए व जिसपर बाउंसर भी बदसलुकी करने लगे इतना ही नहीं उल्टा बीएचयू प्रशासन ने आशीष के ऊपर ही थाने मे पत्र दे दिया इस घटना से बीएचयू प्रशासन के प्रति लोगो मे आक्रोश है