
सांसद उज्जवल रमण सिंह ने ट्रिपलआईटी के छात्रों राहुल चैतन्य और कत्रवथ अखिल की मौत पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने इसे छात्र उत्पीड़न का स्पष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि दिव्यांग छात्र राहुल पर बैकपेपर का दबाव डालकर आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया, जबकि स्पोर्ट्समैन अखिल अचानक इतनी गंभीर स्थिति में पहुंच गया कि उसकी मौत हो गई। यह कॉलेज प्रशासन की लापरवाही और तानाशाही को उजागर करता है। सांसद ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रशासन लीपापोती के लिए जांच कमेटी बनाकर मृतक छात्रों की कमियां निकालने का प्रयास करेगा और अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि मृतक छात्रों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। सांसद प्रतिनिधि विनय कुशवाहा ने बताया कि सांसद उज्जवल रमण सिंह ने छात्रसंघ की बहाली की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि देशभर के विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रशासनिक पदों पर संघ से जुड़े लोगों की नियुक्ति के कारण तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है, जिसके चलते छात्रों का उत्पीड़न बढ़ रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रहित में छात्रसंघ की बहाली अनिवार्य होनी चाहिए।