
3 अप्रैल को रिटायर्ड लेफ्टिनेंट एम एस यादव के अपने पैतृक निवास स्थान ग्राम-पिरथीपुर ब्लॉक बिरनो गाजीपुर पहुंचनें पर उनका स्वागत हजारों की संख्या में युवाओं और ग्रामवासियों द्वारा किया गया। इससे पूर्व विरनों टोल प्लाजा से भव्य रोड शो में युवाओं ने अपने प्रिय लेफ्टिनेंट का नाच गाने से अगुवानी की।आयोजित रोड शो में सैकड़ो की संख्या में बाइक, कार और पैदल युवाओं व ग्रामीण सम्मिलित हुए।
लेफ्टिनेंट यादव के स्वागत सम्मान में आयोजित सभा की अध्यक्षता कुवंर रमेश सिंह पप्पू जी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने 30 वर्ष तक राष्ट्र की सेवा के लिए लेफ्टिनेंट एस यादव को बहुत-बहुत बधाई दी और कहा कि आप जैसे वीर जब देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं तो देश के नागरिक अपने घरों में चैन से सो पाते हैं। इतनी लंबी सैन्य सेवा के लिए समस्त क्षेत्र और देश आपका सदैव ऋणी रहेगा। इस अवसर पर कृष्णा इंद्र विद्या महाविद्यालय सिखड़ी गाजीपुर के प्रबंधक और अध्यापक श्री राजीव यादव ने लेफ्टिनेंट यादव का राष्ट्र सेवा के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप क्षेत्र के सैकड़ो युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं जो अपने दिल में राष्ट्र सेवा का जज्बा रखते हैं। आज आपको देखकर निसंदेह ही उनके हौसलों को नई उड़ान मिली होगी। समस्त क्षेत्र आपका बहुत-बहुत स्वागत करता है। युवाओं की तरफ से बात करते हुए दिलीप दीपक जी ने लेफ्टिनेंट यादव से उनके जीवन के अनुभव साझा करने का अनुरोध किया जिससे युवाओं को प्रेरणा मिले। लेफ्टिनेंट यादव ने अपने संबोधन में युवाओं का आवाहन करते हुए कहा कि आर्मी की सेवा नौकरी नहीं है बल्कि यह एक जज्बात है जो अपने राष्ट्र के प्रति समर्पित हो जाने के जज्बे से मिलता है। युवाओं को किसी भ्रम में नहीं पढ़ना चाहिए कि अग्निवीर के तहत होने वाली भर्तियां केवल 4 वर्षों की हैं बल्कि उन्हें यह सोचना चाहिए कि कम समय के लिए ही भले उन्हें अपना बहुमूल्य और सर्वोच्च अवसर देश सेवा का मिल रहा है क्योंकि सेना की ड्यूटी नौकरी नहीं है बल्कि राष्ट्र सेवा है। इससे पूर्व लेफ्टिनेंट यादव के के स्वागत और माल्यार्पण के लिए युवाओं में होड़ देखी गई । घंटों चले माल्यार्पण कार्यक्रम में मालायें कम पड़ गए किंतु स्वागत के लिए उठे हाथ बढ़ते ही जा रहे थे। इस क्षण को देखकर लेफ्टिनेंट यादव भावुक दिखे। उन्होंने कहा कि मैं इस पल को कभी विस्मित नहीं कर पाऊंगा और मैं अपने समस्त ग्रामवासी गणमन जन का बहुत-बहुत आभारी हूं।