
उत्तर प्रदेश के देवरिया हत्याकांड को अति गंभीरता से लेते हुए, गैर राजनीतिक, देशव्यापी देश के कई महामहिमों द्वारा सराहनीय व 2011 से सर्व समाज के पीड़ितों एवं न्याय से वंचितों को निशुल्क न्याय दिला रहे, ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवमंगल सिंह (आई.पी.) ने अपना एक पूर्वांचल पदाधिकारियों का शिष्ट मंडल देवरिया कांड के पीड़ित दोनों परिवारों से मिलने हेतु भेजा था। जब शिष्ट मंडल पीड़ित परिवारों के गांव फतेहपुर देवरिया पहुंचा तो पुलिस प्रशासन ने ऑपरेशन विजय के शिष्ट मंडल से घबराकर उसे 05 किलोमीटर पहले ही रोक लिया, जबकि ऑपरेशन विजय प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव वी.के. सिंह (एडवोकेट) हाई कोर्ट इलाहाबाद द्वारा प्रतिनिधिमंडल के देवरिया कांड के पीड़ित परिवारों से मिलने जाने की लिखित सूचना पुलिस अधीक्षक देवरिया व संबंधित थानाध्यक्ष रुद्रपुर को दी थी, उसके बावजूद कई घंटे की मशक्कत एवं प्रतिनिधिमंडल के पीड़ित परिवार से मिलने की जिद पर अड़ जाने के बाद जब पुलिस प्रशासन को कोई रास्ता नहीं दिखा, तो उन्होंने पीड़ित परिवार को गांव के बाहर ही गाड़ी से बुलवाकर कुछ ही मिनट के लिए मिलवाया, जबकि ऑपरेशन विजय का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से विधवत बात करना चाहता था।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने गांव व आसपास के लोगों से देवरिया हत्याकांड की वास्तविकता पता लगाकर, ऑपरेशन विजय के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवमंगल सिंह जी को अपनी रिपोर्ट रात्रि को ही सौंप दी, जिस पर तत्काल सख्त कदम उठाते हुए, ऑपरेशन विजय राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवमंगल सिंह जी ने 14 अक्टूबर 2023, सुबह- 10:00 बजे ऑपरेशन विजय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट पर गहन विचार विमर्श किया, जिसमें इस कांड की सीबीआई जांच की मांग करने का फैसला किया गया, जिस पर ऑपरेशन विजय प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव एडवोकेट वी.के. सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं भारत सरकार के केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी को पत्र लिखकर देवरिया हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की।
उपरोक्त जानकारी देते हुए ऑपरेशन विजय सुप्रीमो शिवमंगल सिंह आईपी ने विधवत एक प्रेस वार्ता भी की जिसमें उन्होंने बताया की प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट एवं अन्य सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देवरिया हत्याकांड में स्थानीय नेताओं की भूमिका संदिग्ध लग रही है, क्योंकि एक पीड़ित परिवार प्रेमचंद यादव राजनीति में अच्छी तरह सक्रिय था और स्थानीय लोगों के बीच उसकी बहुत ही अच्छी लोकप्रियता थी, जिससे इस घटना को एक साजिशन घटना होने की आशंका जाहिर होती है, जिसके पर्दाफाश के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस- प्रशासन उपयुक्त दिखाई नहीं देता, क्योंकि स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह सत्ता पक्ष के नेताओं एवं सरकार के दबाव में काम कर रहा है, जिससे दोनों पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना मुश्किल है। इसलिए देवरिया हत्या कांड में दोनों परिवारों को न्याय मिलने एवं घटना का सत्यता के आधार पर पर्दाफाश होने के लिए मात्र एक सीबीआई जांच ही विकल्प है, जिस पर ऑपरेशन विजय मजबूती से अपनी कार्रवाई कर रहा है।