
आज हम ऐसे शक्सियत के बारे में बात कर रहे हैं जिन्होने ना क्षेत्र कोई प्रोफेशनल कोर्स नही किया ही किसी बड़े संस्थान से डिग्री लिया ही सिर्फ़ , जुनून , लगन , मेहनत को सफलता का जरिया बनाया और सिद्ध कर दिया की
करत करत अभ्यास ते जडमति होत सुजान..
रस्सी आवत जात ते सिल पे पडत निशान ।
ये अपनी चित्रकला के लिए खुब मेहनत और
और अभ्यास और अभ्यास करते हैं इनके खानदान में दूर-दूर तक कोई चित्रकार नही है , बचपन में एसे-एसे , पशु-पक्षी , मोर , हाथी , शेर , बिल्डिंग बना देता था देखने वाले वाह-वाह करते थे शाबाशी देते थे , शायद अपने आर्ट की वजह से ये क्लास में टीचरों और सहपाठियों का हमेशा चहेता रहते थे
2019 लॉकडाउन की वजह से बहुत लोगों को नुकसान हुआ बिजनेस का नुकसान तो इन्हे भी हुआ था लेकिन एक पॉजिटिव बात ये थी लॉकडाउन में इनका आर्ट सबसे ज्यादा निखरके आया , जब सब अपने घरों में आराम करते थे , कूलर एसी के सामने सोते थे , ये अपने स्टडीरूम में अभ्यास करते थे , एक दिन में चार-चार पोर्ट्रेट बनाते थे जिसका ईनाम इन्हे पोर्ट्रेट में निखार के रूप में मिला है । आज भी ये खूब अभ्यास करते है
इस महान शख्सियत का नाम साजिद खान इब्राहिमी जिनका जन्म “बडौत ” यू० पी० में हुआ था अब ये “सोनीपत” हरियाणा में रहते है
एकलव्य की तरह इन्होंने सुमित्रा एहलावत जी को दिल से अपना गुरू मानते है